वाइगोत्सकी का सामाजिक विकास सिद्धांत | Vygotsky Theory in Hindi, ZPD & MKO

Vygotsky Theory in Hindi (वाइगोत्सकी का सामाजिक विकास सिद्धांत) बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। लेव वाइगोत्सकी के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास सामाजिक अंतःक्रिया, भाषा और सांस्कृतिक वातावरण के माध्यम से होता है। CTET, UPTET, Super TET, KVS, DSSSB तथा B.Ed. परीक्षाओं में इस सिद्धांत से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

इस लेख में वाइगोत्सकी के सामाजिक विकास सिद्धांत, ZPD, MKO, Scaffolding, प्रमुख विशेषताएँ, शैक्षिक निहितार्थ, आलोचना तथा CTET के महत्वपूर्ण प्रश्नों की जानकारी दी गई है।

Table of Contents

वाइगोत्सकी का सामाजिक विकास सिद्धांत क्या है?

सबसे पहले जानते हैं कि सामाजिक विकास का सिद्धांत क्या है? What is Social Development Theory? तो आइए इसको ऐसे समझते हैं –

सामाजिक विकास का सिद्धांत कहता है कि सामाजिक अन्तः क्रिया के बाद विकास होता है। यानी कि पहले सामाजिक अन्तः क्रिया (Social Interaction) होगी फिर विकास (Development) होगा। इसे इंग्लिश में कह सकते हैं कि Social Interaction precedes Development.

चेतना और संज्ञान, सामाजिकीकरण और सामाजिक व्यवहार का परिणाम हैं।

सामाजिक विकास का सिद्धांत किसने दिया? 

सामाजिक विकास के सिद्धांत का प्रतिपादन लेव वाइगोत्स्की ने किया।

वाइगोत्सकी सिद्धांत के प्रमुख घटक

वाइगोत्सकी का सिद्धांत संज्ञानवाद की नींव में से एक माना जाता है। यह मुख्य रूप से तीन अवधारणाओं पर आधारित है:

  1. Social Interaction
  2. More Knowledgeable Other ( MKO)
  3. Zone of Proximal Development (ZPD)

सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction)

बच्चे के संज्ञानात्मक विकास में सामाजिक अन्तः क्रिया मुख्य भूमिका निभाती है। पियाजे के बाल विकास के सिद्धांत का उलट ये कहते हैं कि पहले सामाजिक अधिगम होता है फिर विकास होता है जबकि पियाजे कहते हैं कि पहले विकास होता है फिर अधिगम होता है। इंग्लिश में कहें तो According to Piaget Development precedes Learning but According to Vygotsky Social Learning Precedes Development.

Vygotsky कहते हैं कि बच्चे में संस्कृति का विकास 2 चरणों मे होता है – पहले सामाजिक लेवल में उसके बाद व्यक्तिगत लेवल में। अर्थात पहले लोगों के बीच यानी अंतर्वैयक्तिक फिर ख़ुद के अंदर यानी अंतरा वैयक्तिक।

More Knowledgeable Other (MKO) – अधिक ज्ञान रखने वाला व्यक्ति

MKO ( More Knowledgeable Other) का मतलब है कोई ऐसा शख्श जिसमे सीखने वाले ( Learner) से ज़्यादा योग्यता हो बेटर अंडरस्टैंडिंग हो। MKO को सामान्यतया टीचर, कोच या ट्रेनर समझ लिया जाता है पर ये कोई भी हो सकता है समूह का सदस्य भी, कोई छोटा व्यक्ति भी या कंप्यूटर ही।

उदाहरण के लिए शिक्षक, माता-पिता, बड़ा भाई-बहन, मित्र या कोई विशेषज्ञ व्यक्ति MKO की भूमिका निभा सकता है।

निकटस्थ विकास का क्षेत्र (Zone of Proximal Development – ZPD)

निकटस्थ विकास का क्षेत्र (ZPD) वह क्षेत्र है जहाँ बालक किसी अनुभवी व्यक्ति की सहायता से ऐसे कार्य कर सकता है जिन्हें वह अकेले नहीं कर सकता।

ZPD को तीन भागों में समझा जा सकता है –
 (1) जो कार्य बालक स्वयं कर सकता है,
 (2) जो कार्य बालक सहायता से कर सकता है,
 (3) जो कार्य बालक अभी नहीं कर सकता।
 

वाइगोत्सकी के अनुसार सीखने की सबसे अधिक संभावना दूसरे क्षेत्र में होती है।

वाइगोत्स्की कहते हैं कि बच्चे को थोड़ी सी मदद दी जाए तो वह बहुत कुछ सीख सकता है। इस मदद को शुरुआत में कुछ टाइम के लिए दिया जाता है फिर हटा लिया जाता है। इसे अंग्रेजी में Scaffolding कहते हैं। एक प्रकार की सीढ़ीनुमा मदद। यह तब जाती है जब बच्चे को जो नही आता वो सिखाना होता है।

उदाहरण: यदि कोई बच्चा साइकिल चलाना सीख रहा है, तो शुरुआत में माता-पिता उसका संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। धीरे-धीरे सहायता कम कर दी जाती है और बच्चा स्वयं साइकिल चलाने लगता है। यही Scaffolding कहलाता है।

वाइगोत्सकी सिद्धांत के शैक्षिक निहितार्थ

  1. शिक्षण में समूह कार्य को बढ़ावा देना चाहिए।
  2. शिक्षक की भूमिका मार्गदर्शक की होनी चाहिए।
  3. सहयोगात्मक अधिगम का प्रयोग करना चाहिए।
  4. विद्यार्थियों को चर्चा एवं सहभागिता के अवसर मिलने चाहिए।
  5. Scaffolding तकनीक का उपयोग करना चाहिए।
  6. भाषा आधारित शिक्षण को महत्व देना चाहिए।

वाइगोत्सकी सिद्धांत की प्रमुख विशेषताएँ

  1. सामाजिक अंतःक्रिया विकास का आधार है।
  2. भाषा संज्ञानात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  3. संस्कृति बालक के व्यवहार को प्रभावित करती है।
  4. सहयोगात्मक अधिगम को महत्व दिया गया है।
  5. बालक दूसरों की सहायता से अधिक प्रभावी ढंग से सीखता है।
  6. सीखना और विकास परस्पर जुड़े हुए हैं।

वाइगोत्सकी सिद्धांत की आलोचना

  1. सिद्धांत में जैविक कारकों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
  2. ZPD का सटीक मापन कठिन है।
  3. सभी बच्चों पर समान रूप से लागू नहीं होता।
  4. व्यक्तिगत भिन्नताओं पर अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया गया है।

CTET में वाइगोत्सकी सिद्धांत का महत्व

CTET, UPTET, Super TET, KVS तथा DSSSB जैसी परीक्षाओं में ZPD, MKO, Scaffolding एवं Social Interaction से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसलिए वाइगोत्सकी का सामाजिक विकास सिद्धांत शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

पियाजे और वाइगोत्स्की के सिद्धांत में अंतर 

आधारपियाजेवाइगोत्सकी
विकास और अधिगमविकास पहलेअधिगम पहले
महत्वजैविक परिपक्वतासामाजिक अंतःक्रिया
भाषासहायकमुख्य भूमिका
सिद्धांतConstructivismSocial Constructivism

CTET Exam Point

  • ZPD = Zone of Proximal Development (निकटस्थ विकास का क्षेत्र)
  • MKO = More Knowledgeable Other
  • Scaffolding = अस्थायी सहायता
  • Social Learning Precedes Development = Vygotsky
  • Development Precedes Learning = Piaget

CTET में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 1. ZPD की अवधारणा किसने दी?

उत्तर: लेव वाइगोत्सकी

प्रश्न 2. MKO का पूरा नाम क्या है?

उत्तर: More Knowledgeable Other

प्रश्न 3. Social Learning Precedes Development किसने कहा?

उत्तर: वाइगोत्सकी

प्रश्न 4. Scaffolding किस सिद्धांत से संबंधित है?

उत्तर: वाइगोत्सकी के सामाजिक विकास सिद्धांत से

प्रश्न 5. वाइगोत्सकी किस देश के मनोवैज्ञानिक थे?

उत्तर: रूस

वाइगोत्सकी का सामाजिक विकास सिद्धांत – FAQs

Q1. सामाजिक विकास सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया?

उत्तर: सामाजिक विकास सिद्धांत (Social Development Theory) का प्रतिपादन प्रसिद्ध रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्सकी (Lev Vygotsky) ने किया था।

Q2. ZPD का पूरा नाम क्या है?

उत्तर: ZPD का पूरा नाम Zone of Proximal Development है। यह वह क्षेत्र है जहाँ बालक थोड़ी सहायता प्राप्त करके नया ज्ञान या कौशल सीख सकता है।

Q3. MKO का पूरा नाम क्या है?

उत्तर: MKO का पूरा नाम More Knowledgeable Other है। इसका अर्थ ऐसे व्यक्ति से है जिसके पास सीखने वाले से अधिक ज्ञान या अनुभव हो।

Q4. Scaffolding क्या है?

उत्तर: Scaffolding वह अस्थायी सहायता है जो शिक्षक, अभिभावक या अन्य अनुभवी व्यक्ति बालक को सीखने के दौरान प्रदान करता है। सीखने के बाद यह सहायता धीरे-धीरे हटा ली जाती है।

Q5. CTET में वाइगोत्सकी सिद्धांत क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: CTET, UPTET, Super TET, KVS तथा DSSSB जैसी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में ZPD, MKO, Scaffolding तथा Social Interaction से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं, इसलिए वाइगोत्सकी का सिद्धांत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

CTET की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी हमारे CTET Notes PDF in Hindi लेख को भी पढ़ सकते हैं, जहाँ विषयवार नोट्स, सिलेबस तथा पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र उपलब्ध हैं।

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निष्कर्ष

वाइगोत्सकी का सामाजिक विकास सिद्धांत यह बताता है कि बालक का संज्ञानात्मक विकास सामाजिक अंतःक्रिया और सांस्कृतिक वातावरण से प्रभावित होता है। CTET, UPTET तथा अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए ZPD, MKO और Scaffolding जैसी अवधारणाओं को समझना अत्यंत आवश्यक है।

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